RSS विचारक ने कहा- जामा मस्जिद यमुना मंदिर था तो फराह खान ने ऐसे लगाया दिमाग ठिकाने

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देश में काफी समय से यह बहस छिड़ी हुई है कि आगरा स्थित ताजमहल का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने नहीं कराया था बल्कि वह एक पुराना शिव मंदिर था।

ताजमहल को हिंदुओं का धार्मिक स्थान बताने के बाद अब दिल्ली स्थित लाल किले और जामा मस्जिद को भी हिंदुओं का धार्मिक स्थान बताया जा रहा है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक विचारक का कहना है कि लाल किले को शाहजहां ने नहीं बल्कि तोमर राजवंश ने बनवाया था। इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि जामा मस्जिद यमुना मंदिर थी।

एनडीटीवी के शो द बिग फाइट में कई नामी लोगों को इतिहास पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया गया था, जिसमें आरएसएस विचारक ने लाल किले और जामा मस्जिद को लेकर यह सारी बातें कहीं।

आरएसएस विचारक ने कहा “ताजमहल राष्ट्रीय धरोहर है लेकिन इसे शाहजहां ने नहीं बनवाया था। इसका निर्माण 1080वीं सदी में हुआ था। यह साबित भी हो सकता है क्योंकि वहां पर ऐसे कई प्रतीक हैं जो कि दर्शाते हैं कि ताजमहल हिंदुओं का धार्मिक स्थल है।

आप वहां जाइए और देखिए।” इसके बाद आरएसएस विचारक ने कहा “लाल किले में भी आप ऐसे प्रतीकों को देख सकते हैं जो कि साबित करते हैं कि इस किले का निर्माण तोमर राजवंश के समय में हुआ था।

हिदुत्व के चिन्ह लाल किले के अंदर देखे जा सकते हैं और इसे भी शाहजहां ने नहीं बनवाया था।”

वहीं जामा मस्जिद को लेकर आरएसएस विचारक ने कहा कि वह यमुना मंदिर था। उन्होंने कहा “जामा मस्जिद यमुना मंदिर है क्योंकि नदियों के पास मंदिरों का निर्माण कराया गया था और ये इस्लामिक वास्तुकला नहीं है।”

 

आरएसएस विचारक की इन बातों को सुनकर लोग उनका खूब मजाक उड़ा रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा “हां, बिलकुल ठीक कहा। मुझे लगता है कि मैं मिस यूनिवर्स हूं और मैं मानव जाति के लिए भगवान का उपहार हूं।

क्या मूर्ख है। ऐसे जॉकर्स को सच में ‘ला ला लैंड’ में रहना चाहिए जहां पर ये कह सकते हैं कि ताजमहल को शाहजहां ने नहीं बनवाया था।”