ओवैसी का बयान कहाअगर रोहिंग्या मुस्लिम यहाँ नही रह सकते तो, तिब्बतियो और दलाईलामा को भी बहार करें मोदी

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भारत सरकार ने तमाम अंतर्राष्ट्रीय दवाबो के बावुजूद रोहिंग्या मुस्लिमो को चिन्हित कर म्यांमार वापस भेजेने का निर्देश दे दिया है लेकिन मोदी सरकार के इस फैसले के खिलाफ कई मानवाधिकार संघठनो ने आपत्ति की है वही अब ओवैसी की पार्टी आल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लीमीन ने भी इस फैसले का विरोध किया है.वही उन्होंने कहा कि दुनिया में एक नए तरह का आतंकवाद पनप रहा है जोकि बौद्ध आतंकवाद है,


तिब्बतियो और दलाईलामा को रहने का कोई हक नही है…

ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि गर रोहिंग्या मुस्लिम यहाँ रिफ्यूजी की तरह नही रह सकते है फिर तिब्बतियो और दलाईलामा को भी यहाँ रहने का कोई हक नही है.वहीँ आल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता सय्यद आसिम वक़ार ने इस मामले पर कहा कि AIMIM मांग करती है या तो सरकार रोहगिया मुसलिंम को भी तिब्बतियो और दलाईलामा की तरह refugee माने या दलाई लामा को भी देश से बाहर निकाले.

दलाई लामा ने कभी नहीं की आलोचना…

गौरतलब है कि रोहिंग्या मुस्लिमो के ऊपर कई सालो से उत्पीडन की खबरे आई लेकिन दलाईलामा ने कभी इस मामले में कोई ब्यान नही दिया है.इसी बात से नाराज़ चल रहे ओवैसी ने सीधे सीधे दलाईलामा पर हमला बोल दिया है.